शनिवार, 8 जुलाई 2017

किसानों के नाम पर 328 करोड़ का कर्ज लेने वाले रत्नाकर गुंटेवर पर मामला दर्ज

किसानों के नाम पर 328 करोड़ का कर्ज लेने वाले रत्नाकर गुण्टेवर पर मामला दर्ज


मुम्बई /परभणी

किसानों के नाम पर कर्ज लेने वाले राष्ट्रीय समाज पक्ष के नेता रत्नाकर गुंटे पर मामला दर्ज किया गया है परभणी के गंगाखेड़ पुलिस स्टेसन में बुधवार को देर रात मामला दर्ज किया गया ।
पांच राष्ट्रीय और एक प्राइवेट बैंक के अधिकारियों से मिली भगत कर के गंगाखेड़ शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड चीनी मिल के नाम पर छह जिलों के कुल 15 हजार किसानों के नाम पर 328 करोड़ का कर्ज लिया है इसका पर्दाफाश हुवा है  नकली कागजात के जरिये ये काम किया गया है जिसके चलते इन सभी किसानों को अब किसी भी बैंक से कर्ज नही मिलेगा इस मामले की जांच आर्थिक विभाग के एक वरिष्ट पुलिस अधिकारी को  24 जून को हाई कोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने दिया था ।

क्या है मामला

परभणी जिला गंगाखेड़ के रहने वाले अविनाश चौधरी के पास 12 एकड़ खेती है । इन्होंने अभी तक किसी भी बैंक से कभी भी कर्ज नही लिया है इसके बावजूद आज इनके नाम पर परभणी के सिंडिकेट बैंक का तीन लाख का कर्ज है । इसके  अलावा यही के पूर्व नगरसेवक  संजीवनी चौधरी के पास 10 एकड़ खेती की जमीन है संजीवनी ने अपने पेट्रौल पम्प के लिए कर्ज लिया है इसके अलावा कभी भी खेती के लिए कर्ज नही लिया है मौजूदा समय मे इनके नाम पर भी नागपुर के आंध्र बैंक का 2 लाख 85  हजार का कर्ज है ।अरुण सानप के पास10 एकड़ खेती है इनके नाम पर गंगाखेड़ बैंक ऑफ हैदराबाद के 99 हजार का कर्ज खेती के लिए लिया था। इनकी बिना जानकारी के इनके नाम पर परभणी बैंक ऑफ सिंडिकेट का 1 लाख 18 हजार का कर्ज है ।
नितिन चौधरी के पास 25 एकड़ खेती है इन्होंने खेती के लिए 90 हजार का कर्ज लिया था । इनकी भी बिना जानकारी सेनाके नाम पर परभणी बैंक ऑफ सिंडिकेट का 3 लाख का कर्ज है ।गंगाखेड़ शुगर लिमिटेड के मालिक प्रमोटर रत्नाकर गुंटे ने ही यह काम किया है इसका संदेह है ।
2014 से 2017 तक 15 हजार किसानों के नाम से नकली कागजात बनाकर 5 राष्ट्रीय बैंक और एक प्राइवेट बैंक से 328 करोड़ का कर्ज लिया गया है इन सभी मामलों का पर्दाफाश करने मे गुंटे के राजनीतिक विरोधी राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक मधुसूदन केंद्रे हैं ।एक साल पहले गंगाखेड़ के कई किसानों को खेती के लिए कर्ज लेने की जरूरत पड़ी तो उसी वक़्त इन सभी लोगों को मालूम हुआ कि सभी के नाम  पर तो पहले से ही कर्ज है । जिसके बाद कई किसानों ने इसकी तहकीकात करनी शुरू कर दी विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता धनंजय मुंडे ने पुलिस में भी शिकायत की थी ।गंगाखेड़ पुलिस स्टेसन में शिकायत पत्र आया उसके बाद भी तहकीकात नही हुई उसके बाद जिन लोगों की मौत हो गयी है उनके नाम पर भी कर्ज है इसका पर्दाफाश हुवा फिर विधायक मधुसूदन केंद्रे ने बैंक से पत्र ब्यवहार जानकारी लेने का प्रयास किया बैंक ने उनको जानकारी देने से इनकार कर दिया ।इस प्रकरण में फंसे किसानों में परभणी , उस्मानाबाद ,बीड़, लातूर , नांदेड़, अकोला, के किसानों का समावेश है जिन बैंकों ने इन लोगों को फंसाया है वो हैं परभणी सिंडिकेट बैंक , यूको बैंक गंगाखेड़ , लातूर नांदेड़  बैंक ऑफ इंडिया की अम्बाजोबाई शाखा आंध्र बैंक की नागपुर शाखा यूनाइटेड बैंक की नागपुर शाखा रत्नाकर बैंक ऑफ मुम्बई इन सभी बैंकों का समावेश है । मौजूदा समय मे अगर किसानों या आम जनता को अगर 50 हजार रुपये का बैंक से कर्ज लेना हो तो बैंक में चक्कर मार मार कर परेशान होना पड़ता है इतना बड़ा घोटाला ऐसे ही नही हुआ होगा इसमे बैंक के अधिकारियों को भी तगड़ी मलाई मिली होगी । इसके लिए गंगाखेड़ की ही शुगर मिल ही क्यों इसके भी अलावा महाराष्ट्र में अनेकों शुगर मिल हैं ।बिना कर्ज लिए हुए भी कर्जदार हैं इसकी जानकारी मिलने के बाद गंगाखेड़ के 7 किसानों ने  हाई कोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका दाखिल की हुई थी इस याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस महासंचालक को आर्थिक विभाग से जांच करवाने का आदेश दिया बैंक ने केवाईसी और आडिड रिपोर्ट के साथ 25 जुलाई  तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है रत्नाकर गुंटे से महानगर संवाददाता विजय कुमार यादव ने इस विषय को लेकर मोबाइल पर सम्पर्क करने की कोशिश की उनका संपर्क नही हो पाया उनसे संपर्क करने की कोशिश जारी है ।

गंगाखेड़ शुगर के लिए बैंकों ने क्या क्या किया

एक भी दिए गए कर्ज में नियम के अनुसार 20 प्रतिशत डिपॉजिट लिया जाता है नही लिया है । किसी भी खातों के केवाईसी भी  नही किया है कर्ज लेने वाले ने बैंक को कर्ज लेने के लिए कोई भी आवेदन नही दिया है फिर भी बैंक ने उसको कर्ज दिया है ।31 मार्च 2017तक गंगाखेड़ शुगर मिल ने 2 हजार 607 कर्जदारो के लिए हामी भरी थी इसकी सिविल रिपोर्ट (क्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड  ) नही आई है खेती के कर्ज देने के महत्व से ज्यादा का कर्ज दिया गया है ।कर्जदारो से कर्ज लेने के लिए रिजर्व बैंक की जो भी नियम हैं उनका पालन नही किया गया है । इसके अलावा जो भी उल्टा पुल्टा कागजपत्र गंगाखेड़ शुगर मिल ने दिया है उसी को आधार मानकर कर्ज देने की बहुत बड़ी गलती की गई है । कर्ज देते समय किसानों से उनकी खेती की जमीन का पेपर भी नही लिया गया है । जिन किसानों ने खेती ही नही की है उनको भी कर्ज दे दिया है । कर्ज की रकम कर्ज लेने वाले किसानों के बचत बैंक खातों में जमा किया गया है उसके बाद तुरंत गंगाखेड़ शुगर मिल के करंट खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है । जो कर्ज लिया गया है वो कर्ज उस काम के लिए प्रयोग नही किया गया है वह कर्ज गंगाखेड़ शुगर मिल ने प्रयोग किया है सिंडिकेट बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर किसान के नाम से मंजूर कर्ज को गंगाखेड़ शुगर मिल ने पहले कर्ज लिया था उसकी क़िस्त के लिए प्रयोग किया । कर्ज देते समय कोई भी करारनामा किसी का भी हस्ताक्षर सिक्का या कर्ज लेने वाले कि सहमति पत्र नही लिया गया और कर्ज लेने वाले का किसी प्रकार का कोई कागजात भी नही लिया गया है । कर्ज मंजूर करने की कोई भी रिपोर्ट नही है कर्ज देने के बाद किसानों के बचत खाते में जमा किया और उनकी बिना अनुमति से वो रकम गंगाखेड़ शुगर मिल के खाते में ट्रांसफर कर दिया ।जिसके चलते किसान को नही गंगखेड़ शुगर मिल को फायदा हुआ ।अनेक किसानों को बैंक के कार्यक्षेत्र के बाहर जाकर भी कर्ज दिया ।

कौन है रत्नाकर गुंटे ?

रत्नाकर गुंटे परली तालुका के   दैठन घाट का रहने वाला है परली के थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर काम करता था थर्मल स्टेसन की छोटा मोटा काम लेने की शुरुवात की इसके बाद गुंटे बहुत बड़ा कांट्रेक्टर बन गया सुनील हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से गुंटे ने देशभर में कई विजली के प्रोजेक्ट में काम किया है । रत्नाकर गुंटे अजित पवार के करीबी था गंगाखेड़ शुगर मिल का उद्घाटन शरद पवार ने किया था । इसकी पत्नी सुधामती गुंटे राष्ट्रवादी कांग्रेस की महिला विंग की प्रदेश के महासचिव थी । अभी रत्नाकर गुंटे महादेव जानकर के साथ राष्ट्रीय समाज पक्ष में  है पिछला विधानसभा चुनाव गुंटे ने राष्ट्रीय समाज पक्ष से लड़ा भी था । किस बैंक ने कितने का घोटाला कर कर्ज दिया है उसकी पूरी लिस्ट ...

बैंक का नाम और कर्ज की रकम 1)आंध्र बैंक 39.17 करोड़
२)यूको बैंक 47.78 करोड़
3)यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया 76.32 करोड़
4) बैंक ऑफ इंडिया 77.59 करोड़
5)सिंडिकेट बैंक 47.27 करोड़
6)रत्नाकर बैंक 40.2 करोड़
कुल 328 करोड़ का घोटाला सभी लोगों ने मिलकर किया है

होटल का बिल देने के लिए एटीएम कार्ड देना पड़ा मँहगा


होटल का बिल देने के लिए एटीएम कार्ड देना पड़ा मंहगा 

वेटर ने लगाया ग्राहक को लाखों का चूना 


विजय कुमार यादव 
मुम्बई /पुणे

पुणे में पांच सितारा होटल का बिल एटीएम से देने का प्रमाण ज्यादा है पुणे के लोग ज्यादा से ज्यादा लोग एटीएम का उपयोग हर काम के लिए उपयोग करते हैं ।बिल भरने के लिए एटीएम देने वाले ग्राहकों को वेटर ने लाखों का चूना लगाया है । ऐसा एक मामला प्रकाश में आया है मुम्बई के बांद्रा पुलिस ने कैशलेश बिल देने में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है । यह मामला मुम्बई से पुणे तक पहुच गया है ।

पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है । इन आरोपियों ने 85 बैंकों में कुल एक हजार 28 ग्राहकों को चुना लगाया है। यह साइबर क्राइम पुलिस की तहकीकात में पर्दाफाश हुवा है ।सूत्रों से मिली खबर के अनुसार पुणे के पुरंदर के होटल गर्व के वेटर अब्दुल गफ्फार अंसारी 27 खुर्शीद  बशीर अंसारी 27 मुम्बई के अंधेरी पश्चिम के वेटर का काम करने वाले सैफुद्दीन लियाकत अंसारी 24 शमीम लियाकत अंसारी 36 साकी नाका के केशव मगता रेड्डी 23 नाला सोपारा के रिजवान मेहबूब अली सय्यद 24 भायखला के मुशर्रफ अली इफाजत अली सय्यद सांताक्रुज के वेटर विकास कुमार सदानंद साहू को गिरफ्तार किया है ।इनके पास से चार स्किमर्स डिकोडर व अनेक बैंकों के चालू हालत और समय सीमा समाप्त  हुए एटीएम कार्ड जप्त किया है ।पुलिस द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड मुम्बई के मालाड में रहने वाली सिद्धि संग्राम नालावड़े का है । इसके कार्ड से 22 हजार 500 सौ रुपया उसके खाते से निकाला गया था । इसी तरह और एक खाते से 40 हजार रुपये भी निकाला गया था ।पीड़ित ने इसकी शिकायत की तो सिटी बैंक ने अपने तरह से जांच की थी बैंक के मैनेजर रामप्रकाश बरई बांद्रा पुलिस स्टेसन  में शिकायत दर्ज किया । जिसके बाद पुलिस तहकीकात में इस घोटाले का पर्दाफाश हुवा ।पुणे के वाकड के एक युवती के सिटी बैंक के खाते से एटीएम के द्वारा मुम्बई से 95 हजार रुपया निकाला गया है । जब कि युवती का एटीएम कार्ड उसके पास ही है तो कैसे पैसे निकाल लिया गया और युवती ने कहा कि मैंने अपना पिन नम्बर किसी को नही बताया है ।

इस तरह से स्किमर्स के द्वारा करते हैं घोटाला 

बिल देने के लिए एटीएम कार्ड वेटर को ग्राहक देता है और ग्राहक अपना पिन वेटर को बता देता है जिसके चलते वेटर ग्राहक द्वारा दिया गया पिन नम्बर को याद कर लेता है और स्किमर्स कि मदद से एटीएम का सभी डाटा कापी कर लेता है ।इसके बाद वो नया एटीएम कार्ड बना लेता है और इस तरह से ग्राहक के खाते से पैसा निकाल लेता है ।

पुणे में एक साल में 1100 घटना 

साइबर क्राइम क्रेडिट कार्ड डेविट कार्ड एटीएम कार्ड के द्वारा लोगों के खातों से पैसा निकालने के एक साल में1100 मामले सामने आए हैं । सभी कार्डों का क्लोनिंग कर के आरोपियों ने इसको अंजाम दिया है । 2016 में इस तरह की 737 मामले की शिकायत पुलिस के पास आई थी इस वर्ष इसकी संख्या बढकर 1100 से भी ज्यादा हो गयी है जिसकी शिकायत पुलिस के पास आई हुई है पिछले डेढ़ वर्ष में पुणे पुलिस ने  54 मामले दर्ज किया है ।

मुम्बई सीरियाल बम ब्लास्ट का आरोपी बिजनौर से गिरफ्तार


मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट का आरोपी बिजनौर से गिरफ्तार

 



मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट 1993 के आरोपी को शनिवार को  उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बिजनौर से गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश व गुजरात एटीएस की मदद से इसे गिरफ्तार किया गया है बम ब्लास्ट के बाद से ही यह फरार था इसके ऊपर टाडा भी लगा हुआ है। 

उत्तर प्रदेश एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरुण ने इसकी पुष्टि की है  कि 1993 का मुंबई ब्लास्ट से संबन्धित टाडा के एक आरोपी को बिजनौर से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्त में आया कदीर अहमद पुत्र अमीर अहमद बिजनौर के नजीबाबाद का रहने वाला  है।

बिजनौर में गुजरात एटीएस के निरीक्षक एनके ब्रह्मभट्ट व एनएल देहाई की टीम ने पुलिस की मदद से सुबह नजीबाबाद थाना क्षेत्र के गांव कल्हेड़ी निवासी 55 वर्षीय कदीर अहमद पुत्र अमीर को गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 1993 में गुजरात प्रांत में आतंकी व विस्फोटक  गतिविधियों व टाडा अधिनियम के तहत कदीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। इसके बाद से वह फरार था। पुलिस व एटीएस से बचकर ही वह मुंबई व गुजरात से अपने गांव आकर रह रहा था। गुजरात और यूपी एटीएस ने मुंबई ब्लास्ट से जुड़े TADA के आरोपी कदीर अहमद पुत्र अमीर अहमद को बिजनौर से गिरफ्तार किया।गुजरात के जामनगर कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर एटीएस ने कदीर अहमद को गिरफतार किया है। पुलिस के मुताबिक, डान दाउद इब्राहिम के करीबी टाइगर मेमन से उसके करीबी संबंध रहे हैं। वह 1993 से पहले मुबंई में दरी का कारखाना का कामकाज चलाता था,1993 के बाद से वह गांव आकर प्रापर्टी व दुकान चलाने लगा था। अब उसका छोटा भाई मुंबई का कारोबार देखता है। उसके तीन बेटे हैं। एक बेटा एमआर (मेडिकल रिप्रेंजेटेटिव) है, जबकि दूसरा दुकान चलाता है। तीसरा छोटा है। कदीर के अपराधिक गतिविधियों में वांछित होने के बावजूद नजीबाबाद पुलिस अनजान बनी हुई थी। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि उसे गिरफ्तार कर गुजरात कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया है।
उसके ऊपर आरोप है कि 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट के लिए टाइगर मेमन ने जो हथियार सप्लाई किए थे, उनको तथा अन्य विस्फोटक को मुंबई तक पहुंचाने में कदीर का हाथ था। इन हथियार तथा विस्फोटक जो जामनगर (गुजरात) में उतारा गया था। इनको बाद में मुंबई पहुंचाया गया। अब गुजरात एटीएस बिजनौर में ट्रांजिट रिमांड बनवाकर कदीर को अहमदाबाद लेकर जाएगी। असीम अरुण ने बताया कि कदीर से अभी उत्तर प्रदेश तथा गुजरात एटीएस पूछताछ कर रही है। इसके बाद दोनों फोर्स और विवरण एकत्र करेंगी।  

सोमवार, 1 अगस्त 2016

आनंदी बेन पटेल: स्कूल टीचर से गुजरात की सीएम तक का सफर

गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल का कद काफी ऊंचा है। उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यकाल में बहुत से ऐसे कार्य किए हैं जिनके लिए उनकी हमेशा तारीफ होती रहती है। आज हम आपको बताएंगे आनंदी बेन के राजनीतिक सफर के बारे में। 

गुजरात में अमित शाह और आनंदी बेन को पीएम मोदी का लेफ्ट और राइट हैंड माना जाता है। एक महिला राजनीतिज्ञ के तौर पर आनंदी बेन पटेल का कद काफी ऊंचा है। आनंदी बेन पटेल ने राज्‍यसभा के सांसद के तौर पर वर्ष 1994 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 1998 में गुजरात विधानसभा चुनाव जीतकर उनका रुख राज्‍य की तरफ हो गया था। वह गुजरात की अकेली ऐसी महिला विधायक रहीं जो लगातार चार बार विजयी होकर गुजरात विधानसभा तक पहुंची।

आनंदी बेन का पूरा नाम आनंदी बेन जेठाभाई पटेल

आनंदी बेन का पूरा नाम आनंदी बेन जेठाभाई पटेल है। आनंदी बेन पीएम मोदी की सबसे करीबी मानी जाती हैं। उनका जन्म 21 नवंबर 1941 को गुजरात के मेहसाणा जिले के खारोद गांव में हुआ था। आनंदी बेन की खास बात है कि वो अनुशासन प्रिय हैं। आनंदी बेन 70 के दशक में अहमदाबाद के मोहिनीबा कन्या विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्या भी रह चुकी हैं। गुजरात भाषा की अच्छी प्रवक्ता 71 वर्षीय आनंदी और पीएम मोदी की लोकप्रियता की बात करें तो राज्य में इन दोनों नेताओं को अपनी कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है। 

1988 में आनंदी बेन पटेल भाजपा में शामिल हुई थीं, लेकिन आनंदी बेन सबसे ज्यादा चर्चा में उस वक्त आईं जब इन्होंने अकाल पीड़ितों के लिए न्याय मांगने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वर्ष 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में भी आनंदीबेन और पीएम मोदी ने साथ-साथ पार्टी के लिए काम किया था।

शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए लड़कियों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए

आनंदी बेन ने शहरी विकास, राजस्व और आपदा प्रबंधन जैसे कई प्रमुख विभाग को संभाला है। अभी वो शिक्षा मंत्री के तौर पर पीएम मोदी के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को सफलता पूर्वक आगे बढ़ा रही थीं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण लड़कियों की साक्षरता दर में बढ़ोतरी लाना। पिछले दो दशकों से वोटों के नजरिए से गुजरात के सबसे बड़े पटेल समुदाय के वोटों को भाजपा के खेमे में लाने के लिए आनंदी बेन ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साफ-सुथरी छवि वाली आनंदी बेन भाजपा की सबसे लंबे समय तक मंत्री के पद पर रहने वाली महिला हैं। 

जलाशय में कूदकर बचाई थी बच्चियों की जान

आनंदी बेन पटेल ने प्रोफेसर मफतभाई पटेल से शादी की थी। उनके एक लड़का व लड़की है। हालांकि, वो 1990 से अपने परिवार से दूर रहती हैं। शिक्षिका रहते हुए आनंदी बेन पटेल उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने 1987 में सरदार सरोवर जलाशय में डूब रही दो बच्चियों को बचाया था। इसके लिए उन्हें बाद में पुरस्कार भी मिला था। 

भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने 1992 में श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराया था। उस वक्त आनंदी बेन पटेल वो इकलौती महिला रहीं जो जोशी के साथ थीं। उसके ठीक 2 साल बाद उन्हें भाजपा ने राज्यसभा भेजा था।
    यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, मुलायम सिंह यादव व कई अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले कई एकड़ में फैले हुए हैं, जिनकी मरम्मत का खर्च लाखों में है। उनका किराया बेहद मामूली है।

    शुक्रवार, 17 जून 2016

    योगी को बनाया जा सकता है केंद्र में मंत्री

                                                

    आजकल सोशल मिडिया में उत्तर प्रदेश बीजेपी  के मुख्य्मंत्री  पद का उम्मीदवार उत्तर प्रदेश पूर्वांचल के फायर ब्रांड सांसद आदितयनाथ योगी को  बनाए जाने की खबर जोर शोर से चल रही है जिसके चलते बीजेपी ने मुख्य्मंत्री की दौड़ से अलग करने के लिए अलग रणनीति बनायी है सूत्रों के अनुसार अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है जिसमें योगी को शामिल किया जा सकता है जिससे वो मुख्य्मंत्री पद की दौड़ से अलग हो जायेंगे और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीजेपी का और भी जनाधार बढ जायेगा 

    मंगलवार, 2 सितंबर 2014

    अमित शाह सियासी शतरंज के माहिर

    अमित शाह सियासी शतरंज के माहिर खिलाड़ी है,,,यू पी मे अपने हुनर का जलवा दीखा चुके है....  माहरास्त्रया मे भी इसी तरह का जलवा दीखाने की उनमे कुव्वत है,,,,चारो तरफ फैला हुवा जीहादी आतंकवाद के कारण यकीनन शाह अपनी बात को बहुत वज़नी अंदाज मे लोगो के सामने रख पायेंगे और सलाह देंगे आतंकवाद भगाइये ,,,,,