शुक्रवार, 22 मई 2020

पुलिसकर्मीयों ने मास्क के लिये बोला तो युवक ने चाकू से किया हमला

पुलिसकर्मीयों ने मास्क के लिये बोला तो युवक ने चाकू से किया हमला

(मप्र)अशोकनगर। जिले के बहादुरपुर थाने के दो आरक्षकों ने युवक को बिना मास्क लगाए थाने में आने पर रोका तो युवक ने पुलिसकर्मीयो पर चाकू से हमला कर दिया । धीरा चक्क गांव निवासी युवक हल्के पुत्र निरपत आदिवासी ने थाना परिसर में मौजूद दो आरक्षकों को चाकू मार कर घायल कर दिया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरक्षकों में एक शाहिद खान को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय भेजा गया जबकि दूसरे घायल सिपाही का उपचार बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया है।
बहादुरपुर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गुरुवार की सुबह  धीरा चक्क गांव का युवक हल्के आदिवासी जिसकी उम्र करीब 23 साल है थाना परिसर के आसपास गाली देते हुए घूम रहा था। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब इसको बिना मास्क के घूमने से मना किया एवं मास्क लगाने की सलाह दी तो युवक वहां से चला गया। लेकिन कुछ देर बाद वो चाकू लेकर थाने में आया और थाना परिसर में खड़े आरक्षक शाहिद खान की गर्दन पर वार कर दिया, उसको बचाने गए आरक्षक राजेश परिहार को भी चाकू मारकर घायल कर दिया है। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा युवक  बमुश्किल रोका गया और गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना प्रभारी का कहना है कि इसके परिवार के लोगों से बातचीत की गई है। शुरुआती दौर में पता चला है कि युवक सनकी भरा रहा है।किसी बात की मनाही करने पर यह क्रोधित हो जाता है। युवक के बारे में पता चला है कि यह अविवाहित है एवं अपनी शादी ना हो पाने के कारण परिवार के लोगो से काफी दिनों से नाराज चल रहा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि युवक चाकू कहा से लाया एवं क्या इस घटना के पीछे और भी कोई कारण है । फिलहाल  युवक को गिरफ्तार कर लिया है । विदित है कि बहादुरपुर क्षेत्र मे कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल जाने के बाद बीते दो दिनो से यह क्षेत्र टोटल लाॅक डाउन है।

रविवार, 29 दिसंबर 2019

मुंबई में क्यों होता है हमेशा ट्रैफिक जाम. सामने आया चौंकाने वाला सच


मुंबई जैसे शहर में ट्रैफिक जाम होना आम बात हो गयी है जो कि  एक बहुत  बड़ी समस्या है। क्यों कि  सड़कों पर लगातार वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है।इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद  इसके लिए कोई कानून नहीं है। वाहनों की संख्या दर प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है जिसका आंकड़ा काफी चौकानें वाला है।

वाहनों का जो आंकड़ा जारी हुवा है उसके मुताबिक मुंबई में पिछले 10 वर्षों में वाहनों की संख्या में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा काफी चौकानें वाला है। यह आंकड़ा वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2019 तक का है। इससे सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान सड़कों  की लंबाई उतनी ही है जितनी थी यानी 2 हजार किलोमीटर।इसका मतलब यह है कि  नई सड़कों का निर्माण नहीं हुवा  है, जबकि वाहनों की संख्या में लगातार रुप से वृद्धि हो रही है।
इस समस्या से मुंबईकर केवल ट्रैफिक जाम से ही नहीं जुझ रहे हैं बल्कि पार्किंग समस्या, ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से भी दो चार हो रहे हैं। यही नहीं आने वाले समय में इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा, इसके भी कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जारी आंकड़ों के अनुसार मुंबई की सड़कों पर इस समय 22 लाख दुपहिया वाहन दौड़ रहे हैं। अगर औसत आंकड़ा निकाला जाए तो एक किलोमीटर में 1100 दुपहिया वाहन दौड़ रहे हैं। अगर चार पहिया वाहनों की बात की जाए तो इनकी संख्या कुल 10.6 लाख है।
जबकि साल 2010 तक चार पहिया वाहनों की कुल संख्या 5.1 लाख दर्ज थी। यानि इन दस सालों में वाहनों की संख्या में दुगुने दर से वृद्धि हुई है
इस रिपोर्ट में वाहनों की बढ़ती संख्या का कारण वाहन बाजार में लगातार बढ़ रही प्रतिस्पर्धा है जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलता है, साथ ही वाहनों पर आसानी से मिलने वाला लोन, अब तो जीरो फीसदी ब्याज पर भी वाहन उपलब्ध हैं, साथ ही 25 से 30 साल के युवकों की बढ़ती क्रय शक्ति को भी इसका कारण बताया गया है।

पुलिस आयुक्त परिमंडल 10 अंकित गोयल का नाईट लवर डांस बार में छापा 7 लोग गिरफ्तार



 प्रबंधक, दो वेटर और चार ग्राहक समेत 7 लोग गिरफ्तार  5 बार बालाओं को किया मुक्त


मुंबई: उपनगरअंधेरी में एक डांस बार में छापेमारी के दौरान सात लोगों को गिरफ्तार करके पांच बार बालाओं को मुक्त कराया  रविवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है  यह कारवाई 28 दिसंबर शनिवार रात को की गई है ।   पुलिस को गुप्त जानकारी मिली थी कि कुर्ला अंधरी रोड मरोल पाइप लाइन स्थित नाईट लवर डांस बार में उन्होंने बताया कि यह छापेमारी ‘नाइट लवर्स बार' में हुई. यह बार अंधेरी के एक अश्लील नृत्य चल रहा है ऐसी जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त अंकित गोयल ने कार्यवाई की ।

 परिमंडल 10 के  पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ने कहा, ‘हमने बार के प्रबंधक, दो वेटर और चार ग्राहकों को गिरफ्तार कर लिया है और पांच बार बालाओं  को मुक्त कराया है.'गिरफ्तार किए गए लोगों पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र अश्लील डांस प्रतिबंध के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।इससे पहले भी मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने मलाड में स्थित एक डांस बार में छापा मारा था  जिसमें  14 ग्राहकों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया था. एक पुलिस अधिकारी जानकारी देते हुए कहा कि मलाड पूर्व में पोद्दार रोड स्थित काका बार एवं रेस्टोरेंट में छापा मारा गया था पुलिस ने बार में सुबह-सुबह छापा मारा, उस वक्त डांस फ्लोर पर 10 बार गर्ल डांस कर रही थीं. 


पुलिस ने डांस बार पर मारा छापा, 22 लोग गिरफ्तार, 90 हजार रुपये नकद बरामद

 एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि यह बार 'खबरियों का अड्डा' के से जाना जाता था. बार के मालिकों का मानना था कि इस पर पुलिस का छापा कभी नहीं पड़ेगा. साथ ही पुलिस अधिकारी ने बताया था कि हमें जानकारी मिली थी कि बार में नियमों का उल्लंघन हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने वहां पर छापा मारा था. इस दौरान 14 ग्राहकों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं 10 पीड़ितों को बचाया गया था. गिरफ्तार लोगों में वेटर, सुपरवाइजर, कैशियर और मैनेजर शामिल थे।

IPS की बात सुन ताली बजाने लगे CAA के प्रदर्शनकारी, लगाने लगे पुलिस जिंदाबाद के नारे


मनोज शर्मा पश्चिम विभाग के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त 



नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन जारी है। इस बीच कुछ पुलिस अधिकारियों के ट्वीट्स और वीडियो भी वायरल हुए हैं। इन पुलिस अफसरों ने कई हिस्सों में अमन कायम करने के लिए बड़ी भूमिका निभाई है। उन्हीं में से एक हैं पश्चिम प्रादेशिक विभाग  मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा। मनोज शर्मा ऐसे तो महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी हैं, और मूलरूप से वह मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले हैं।

मनोज शर्मा सोशल मीडिया पर कई वजहों से चर्चा में रहते हैं। आईपीएस बनने से पहले पर उनका जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा है। हाल ही में मनोज शर्मा के एक दोस्त ने उनके ऊपर एक ट्वेल्थ फेल नाम से किताब लिखी है। जिसमें मनोज शर्मा की जिंदगी के कई रोचक किस्से हैं। अब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल है, जिसमें मुंबई सीएए को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच अपनी बात रखते दिखाई रहे हैं। आईपीएस अधिकारी की बात सुनकर लोग पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाने लगते हैं।

वायरल है ये वीडियो

मुंबई में भी हजारों की संख्या में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हर दिन लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। आईपीएस अधिकारी मनोज शर्मा प्रदर्शनकारियों के मंच पर जाते हैं। वह कहते हैं कि मैं सभी लोगों को जानता हूं, एक-एक लोगों से हमारा रोज का संबंध है। वो सब हमारे अजीज हैं। लेकिन कोई एक आदमी गड़बड़ करता है और हम सभी बदनाम हो जाते हैं। इसे याद रखना चाहिए ।

किसी को मौका न दें

पुलिस अधिकारी मनोज शर्मा लोगों से अपील करते हैं कि किसी को भी यह मौका नहीं दें। यह मौका आप लोगों किसी को नहीं देना चाहिए । मुंबई पुलिस और आप लोगों के बीच कोई और नहीं आए। आप सभी लोगआराम से आएं और अपनी बात रखें। आपका जो विरोध है, उसे सरकार तक पहुंचाने के लिए हम हैं। आईपीएस मनोज शर्मा का संबोधन खत्म होते ही वहां मौजूद भीड़ मुंबई पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाने लगती है। साथ ही सभी लोग ताली बजाने लगते हैं।

मुरैना के रहने वाले हैं मनोज शर्मा

मुंबई पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा मुरैना के रहने वाले हैं। मनोज 2005 के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। मनोज नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं में थर्ड डिवीजन से पास हुए थे और बारहवीं में फेल हो गए थे। उसके बाद मनोज को लगने लगा कि आगे क्या होगा। गर्लफ्रेंड से मिली प्रेरणा के बाद उन्होंने आगे की यात्रा पूरी की थी ।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के जन्मदिन की तस्वीर हुई फेसबुक पर वायरल

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के जन्मदिन  की तस्वीर हुई फेसबुक पर  वायरल 

   मुंबई पुलिस की उस फ़ेसबुक एकाउंट पर  पैनी नजर 

मुम्बई पुलिस आयुक्त संजय बर्वे ने कहा है कि इस मामले में सख्त कार्यवाही की जाएगी 


मुंबई भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के  जन्मदिन की तस्वीर फेसबुक पर वायरल हुई है ।फ़ेसबुक पर वायरल होने के बाद  मुंबई पुलिस पूरी तरह से  हरकत में आ गई है। यह पोस्ट एक छोटे अपराधी शेरा चिकना ने अपने फ़ेसबुक पर किया है। पोस्ट वायरल होते ही मुंबई पुलिस ने  इसका संज्ञान लेते हुए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता करने में जुटी हुई है कि इस जन्मदिन की पार्टी में कौन कैन लोग शामिल हुए थे ।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक  26 दिसंबर को शेरा चिकना नाम के फेसबुक अकाउंट से "हैप्पी बर्थडे बॉस" लिखकर चार तस्वीरें पोस्ट की गई थी ।  पहली तस्वीर में पांच केक और बाकी तीन तस्वीरों में अंडरवर्ल्ड डॉन और आतंकवादी  दाऊद इब्राहिम थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार के इस जन्मदिन का आयोजन दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में हुवा था ।

फ़ेसबुक पर वायरल होने के बाद व्हाट्सएप पर भी हुई तस्वीर वायरल  

फेसबुक पोस्ट के वायरल होने के बाद यही  तस्वीरें व्हाट्सएप पर भी वायरल गईं। मुंबई क्राइम ब्रांच अब पूरी तरह से हरकत में आ गयी है और इसकी पूरी तरह से तह में जाकर पता लगाने में जुट गई है । एक पुलिस अधिकारी ने प्रवासी संदेश के वरिष्ठ संवाददाता को  बताया कि तस्वीरें जो ली गयी हैं उनको देखकर लगता है कि ये सब्जी तस्वीरे किसी  निजी समारोह में ली गई हैं। आतंकवादी व अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का 26 दिसंबर को जन्मदिन था। पुलिस रिकार्ड में  दर्ज आंकड़ों के अनुसार दाऊद 26 दिसंबर को 64 वर्ष का हो गया है ।
भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है अंडरवर्ल्ड डॉन  दाऊद इब्राहीम

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है और उसको अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी भी  घोषित किया गया है। वह मुम्बई में 1993 में हुए के सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड भी है उस सीरियल बंम धमाकों में  258 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी ।सूत्रों के अनुसार  दाऊद, पाकिस्तान के कराची शहर में रहता है। वहीं से ड्रग्स ,हथियारों की तस्करी, आतंकवादियों को फंड, नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी में पूरी तरह से शामिल बताया जाता है। मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय बर्वे ने कहा है  कि क्राइम ब्रांच इसकी पुरी तरह से तहकीकात कर रही है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार, 24 सितंबर 2019

ये हैं मुम्बई के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट



एक समय था मुम्बई क्या पूरे महाराष्ट्र में गैंगवार चरमसीमा पर था पूरी मुम्बई शहर गैंगवार के चपेट में आ गया था हप्ता वसूली हत्या ,बड़े ब्यवसाई , रियल स्टेट और होटल ब्यवसाय में इन गैंग के लोगों की इतनी दहशत हो गयी थी इन लोगों को कब हप्ता के लिए किसी गैंग का फोन आ जायेगा पता नही और अगर हप्ते की रकम उनके अनुसार नही दिया तो उनकी हत्या हो जाएगी इसके लिए हर मुम्बईवाशी हैरान व परेशान हो गया था । पुलिस की भी इन गैंग वालों से परेशान हो गयी थी मुम्बई पुलिस के कई जांबाज अधिकारियों ने इन गैंग वालों का एनकाउंटर कर कानून ब्यवस्था को ठीक करने की कोशिश में लग गए इन गैंग वालों की कमर तोड़ने में थोड़े कामयाब भी हुए इनका डर गैंगस्टरों के अंदर निर्माण भी हो गया । जिसके  चलते कुछ अधिकारियों का नाम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चा में आया और अपराध की दुनियां में इनका कुछ खौफ भी हो गया । नब्बे के दशक में इन अधिकारियों ने कई नामचीन गुंडों का  एनकाउंटर कर मुम्बई की कानून ब्यवस्था को बकरार रखा। इन अधिकारियों की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की बन गयी इनमें से करीब सभी एनकाउंटर स्पेशलिस्टो को लेकर बहुत विवाद भी हुवा इन लोगों को जेल भी जाना पड़ा था ।

प्रदीप शर्मा 

प्रदीप शर्मा मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं ये 1983 बैच के अधिकारी थे महाराष्ट्र पुलिस में शर्मा उपनिरीक्षक के पद से शामिल हुए । शर्मा की कार्यशैली शुरू से अपराधियों के प्रति कड़क थी । नब्बे के दशक में महाराष्ट्र राज्य में सत्तापरिवर्तन हुई और शिवसेना भाजपा युति की सरकार पहली बार बनी थी उस समय मुम्बई में गैंगवार चरम सीमा पर था दाऊद की डी कंपनी और कई अलग गैंगों की आपस मे ही वर्चश्व को लेकर लड़ाई चल रही थी दिनप्रतिदिन इन गैंगों की आपसी लड़ाई बढती जा रही थी । इन गुंडों पर पुलिस को नकेल कसना मुश्मिल हो रहा था । तत्कालीन गृहमंत्री गोपीनाथ मुंडे ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक कर कहा कि कुछ भी करो लेकिन इन सभी को खत्म करो उस समय वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदीप शर्मा व शहीद हो गए विजय सालस्कर को गुनाहगारों गैंग को खत्म करने की छूट दे दी थी । प्रदीप शर्मा ने कुल 112 एनकाउंटर कर कई गैंगस्टरों को खत्म कर दिया । शर्मा के नाम से ही कई गुनाहगारों को कंपकंपी आने लगी थी । लखन भैया एनकाउंटर मामले में प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया था  और निलंबित कर दिया गया था और कई साल जेल में भी बिताना पड़ा था पूरे 9 साल की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद शर्मा को न्यायालय ने सभी आरोपो से मुक्त कर दिया था । फिर शर्मा पुलिस सेवा के अंदर आ गए दुबारा सर्विस में आने के बाद ऐसा लगता था कि उनका असर कम हो गया है लेकिन विपरीत शर्मा ने धड़ाके के साथ वापसी किया दाऊद के भाई इकबाल कासकर को हप्ता वसूली के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया । निलंबन व जेल जाने की वजह से शर्मा का मन पहले जैसा पुलिस विभाग में नही लग रहा था इसके लिए शर्मा ने पुलिस सेवा से त्यागपत्र देकर  राजनीति की डगर पर चलना शुरू कर दिया और शिवसेना पार्टी में शामिल हो गए । शिवसेना ने शर्मा को नाला सोपारा विधानसभा से टिकट देकर ठाकुर के वर्चश्व को चुनौती देने की कोशिश की है ऐसी चर्चा राजनीतिक क्षेत्र में चल रही है । प्रदीप शर्मा की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट में जब हुई थी कि इन्होंने सुभाष माकड़वाला नामक गैंगस्टर का एनकाउंटर  उस समय अत्यंत आधुनिक राईफल एके 56 से किया था ।

रवीन्द्रनाथ आंग्रे 

पुलिस सेवा में रहते हुए रविन्द्र आंग्रे हमेशा चर्चा में रहे ठाणे से मुम्बई तक गुनाहगारों के लिए ये भी काल थे ।ठाणे और मुम्बई में अभी तक आंग्रे ने 53 एनकाउंटर किया है ।इसमें मुम्बई में 33 और ठाणे में 21 गुनाहगारों का समावेश है । नवी मुम्बई, डोंबिवली और अंबरनाथ इलाके में दहशत का निर्माण करने वाले कुख्यात अपराधी सुरेश मांचेकर गैंग का खात्मा आंग्रे ने ही किया था । ठाणे, भिवंडी इलाको में आंग्रे ने पूरी तरह से अपराधियों की कमर तोड़ दी थी । इसके बाद इनका नाम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की सूची में शामिल हो गया । आंग्रे को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की सूची में नाम आने पर कोई फायदा नही हुआ फरवरी 2008 में ठाणे के रहने वाले एक बिल्डर को हप्ता के लिए धमकाने के साथ 2010 मे एक ब्यक्ति पर गोली मारने का आरोप लगा इस मामले में आंग्रे के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ इस मामले में आंग्रे को गिरफ्तार कर लिया गया जिसमें आंग्रे को 14 महीने जेल में रहना पड़ा था । उसके बाद न्यायालय ने आंग्रे को भी सभी आरोपों से निर्दोष मुक्त कर दिया और निलंबन को भी रद्द कर दिया था । खाकी वर्दी पर दाग लगने की वजह से आंग्रे ने पुलिस की सेवा से त्यागपत्र दे कर भाजपा में शामिल हो गए थोड़े दिन के बाद आंग्रे का मन भाजपा से भर गया तो वो भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए ।

प्रफुल्ल भोसले 

प्रफुल्ल भोसले मुम्बई पुलिस दल में 1987 में पुलिस उपनिरीक्षक के पद से जॉइन किया । इसके पहले ये सिटी बैंक में काम कर रहे थे नब्बे के दशक में प्रफुल्ल भोसले के नाम से अपराधियों को बहुत डर लगता था । अपराध जगत में इनकी पूरी धाक थी प्रफुल्ल भोसले ने नाईक गैंग, अरुण गवली गैंग, छोटा शकील गैंग के कुल 87 एनकाउंटर किया था इसके बावजूद घाटकोपर बम विस्फोट मामले में आरोपी ख्वाजा युनुस की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में नाम आया । 2003 में भोसले घाटकोपर क्राइम ब्रांच में कार्यरत थे और ख्वाजा युनुस को पुलिस लॉकअप में रखा हुआ था । उसके पास से बम विस्फ़ोट की पूरी जानकारी लेने के लिए उसपर चार अधिकारियो ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गयी ऐसा आरोप लगा था ।  खबर के मुताबिक अभी जो सीआईडी ने जो रिपोर्ट न्यायालय में पेश किया है उसमें लिखा है कि हमे कोई भी सबूत इनके खिलाफ नही मिला है ।

 सचिन वाजे 

सचिन वाजे का भी नाम मुम्बई पुलिस दल में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का है इन्होंने कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और दाऊद इब्राहीम गैंग के कई अपराधियों का एनकाउंटर किया है इनके ऊपर भी प्रफुल्ल भोसले के साथ घाटकोपर बम विस्फोट के आरोपी ख्वाजा युनुस की पुलिस हिरासत में मौत मामले में नाम था इनको एक फर्जी एनकाउंटर मामले में निलंबित किया गया था इसके बाद इन्होंने 2007 में पुलिस सेवा से त्यागपत्र दे दिया और शिवसेना में शामिल हो गए । 

दया नायक 

दया नायक ने नब्बे के दशक में 83 कुख्यात अपराधियों को यमलोक पहुचाया था जिसके वजह से अपराध की दुनिया मे पूरा अपना दबदबा बना लिया था । इनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति मामले का आरोप लगा जिसके कारण इनको निलंबित कर दिया गया था ।महाराष्ट्र पुलिस में दया नायक 1995 बैच के पुलिस उपनिरीक्षक है ।  बहुत ही कम समय मे इन्होंने अपनी कार्यकुशलता से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया था । अपने मूल गांव कर्नाटक में अपनी मां के नाम पर स्कूल बनवाया और उसका उद्घाटन शदी के महानायक अमिताभ बच्चन के हाथों कराया था यही इनके ऊपर सबसे बड़ा अपराध साबित हुआ कि इसके निर्माण के लिए इतना पैसा कहा से आया ऐसा प्रश्न का निर्माण हो गया और एंटीकरप्शन ब्यूरो (एसीबी) की तहकीकात इनके पीछे लग गयी । अपराधियों के काल दया नायक आय से अधिक संपत्ति के विवाद में फंस गए थे । इस मामले में इनकी गिरफ्तारी भी हुई और इनको पुलिस सेवा से निलंबित कर दिया गया था जमानत पर छूटने के बाद ये पूरी तरह से अज्ञातवास में चले गए थे । बड़ी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद  दया नायक फिर से कई साल पहले पुलिस सेवा में बहाल हुए अभी इनकी पोस्टिंग खार पुलिस स्टेसन में पुलिस निरीक्षक के पद पर है ।

विजय सालस्कर 

मुम्बई में हुए 26/11 आतंकी हमले में शहीद हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर अरुण गवली गैंग का पूरी तरह से कमर तोड़ दिया था इस गैंग के जितने कुख्यात गुंडे थे सभी का एनकाउंटर कर दिया था । गैंगेस्टर अमर नाईक और सदा पावले को गिरफ्तार करने के बाद ये चर्चा में आये थे । एक एनकाउंटर करते समय एक 18 वर्षीय युवक को गोली लगने से उसकी मृत्यु हो गयी थी इस मामले में ये परेशानी में आ गए थे पूर्व मुम्बई पुलिस आयुक्त राकेश मारिया इनके सबसे बड़े पसंदीदा अधिकारी थे ।
इसके अलावा और भी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अधिकरी हैं जिन्होंने एनकाउंटर तो किया लेकिन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की सूची में अपना नाम दर्ज नही किया वे नार्मल तरीके से अपना कार्य करते रहे । जितने लोग एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हुए सभी के ऊपर कोई न कोई मामला दर्ज हुआ और जेल भी गए कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद निर्दोष मुक्त हुए और फिर पुलिस सेवा में बहाल हुए ।

कौन होगा राज्य का अगला मुख्यमंत्री... ? देवेंद्र फडणवीस कि और कौन .......?



मुंबई:- छत्रपति शिवाजी महाराज का वारिश का कहा जाने वाला महाराष्ट्र राज्य देश की राजनीति में हमेशा केंद्र बिंदु में रहता है। महाराष्ट्र राज्य की स्थापना होने से अभी तक राज्य में कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इसके बाद कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने मिलकर अनेको वर्षों तक  राज्य में शासन किया है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अभेद्य किला में सेंध लगाने की कोशिश भाजपा शिवसेना युती ने अनेको बार किया  इसके बावजूद मात्र एक अपवाद को छोड़कर अपना गढ़ कांग्रेस राष्ट्रवादी ने अपने पास ही रखा 2014 में मोदी लहर के चलते भाजपा शिवसेना ने राज्य विधानसभा में भगवा लहराया और राज्य के मुख्यमंत्री के पद पर भाजपा के देवेंद्र फडणवीस आसीन हुए । 2019 विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गयी है राज्य में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए देवेंद्र फडणवीस प्रयत्न कर रहे है शिवसेना भी मुख्यमंत्री पद के लिए आतुर है राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने का सपना पीछे रह गया है राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला राज्य के मतदाता करेंगे 


राज्य में नाईक सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री 

कांग्रेस के वसंतराव नाईक 11 साल 77 दिन महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे इसके बाद विलासराव देशमुख 7 वर्ष 123 दिन मुख्यमंत्री पद पर रहे।विशेष रूप से शरद पवार 6 वर्ष 123 दिन मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे नाईक सबसे ज्यादा समय तक राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे वसंतदादा पाटील और शरद पवार 4 बार अलग अलग समय में मुख्यमंत्री थे। शंकरराव चव्हाण और अशोक चव्हाण पिता पुत्र दोनों 2 बार मुख्यमंत्री रहे विलासराव देशमुख 2 बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। 


नारायण राणे को मिला 258 दिन का मुख्यमंत्री पद 

नारायण राणे 258 दिन राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे शिवाजी पाटिल निलंगेकर 276 मुख्यमंत्री पद पर रहे भाजपा शिवसेना युती के आखरी समय मे राणे को मुख्यमंत्री पद दिया गया था शिवाजी पाटील निलंगेकर पर  अपनी बेटी को परीक्षा में ज्यादा नंबर दिलाने का आरोप लगा था जिसके कारण उनको मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा कई पूर्व मुख्यमंत्री राज्य में अभी भी सक्रिय है महाराष्ट्र राज्य की स्थापना होने से अभी तक 17 मुख्यमंत्री हुए है इसमें से 9 मुख्यमंत्रियों की मृत्यु हो गयी है । शरद पवार, शिवाजीराव पाटील निलंगेकर, सुशील कुमार शिंदे, नारायण राणे,अशोक चव्हाण,पृथ्वीराज चव्हाण ये सभी पूर्व मुख्यमंत्री राजनीत में अभी भी सक्रिय है मनोहर जोशी सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा नही की है फिर भी वो राजनीति के हासिये पर चले गए है ।

पश्चिम महाराष्ट्र ने दिया 6 मुख्यमंत्री

राज्य को सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री देनेवाला पश्चिमी महाराष्ट्र है पश्चिम महाराष्ट्र से 6 मुख्यमंत्री महाराष्ट्र को मिले है जिसमे यशवंतराव चव्हाण,वसंतदादा पाटील, बाबासाहेब भोसले,शरद पवार,पृथ्वीराज चव्हाण, और शुशील कुमार शिंदे का समावेश है कोकण से नारायण राणे और ए आर अंतुले मुख्यमंत्री बने मराठावाड़ा से शंकरराव चव्हाण और शिवाजीराव पाटील निलंगेकर, विलासराव देशमुख और अशोक चव्हाण मुख्यमंत्री हुए विदर्भ क्षेत्र से मारोतराव कन्नमवार, वसंतराव नाईक, सुधाकरराव नाईक और देवेंद्र फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री बने मुंबई से एक मात्र मनोहर जोशी मुख्यमंत्री बने थे ।

विरोधी पक्ष नेता सत्ताधारी पक्ष में जाकर मंत्री बना

सत्ता पर अंकुश लगाने के लिए विरोधी पक्ष नेता का होना आवश्यक हैं ऐसा कहा जाता है इसके बावजूद केवल देवेंद्र फडणवीस सरकार के समय विधानसभा में तत्कालीन विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने सत्ताधारी पक्ष में शामिल होकर मंत्री बन गए ये भारतीय राजनीति में पहला अवसर है 2005 में नारायण राणे ने भी विरोधी पक्ष नेता होते हुए भी सत्ताधारी कांग्रेस का हाथ पकड़ा था उसके तुरंत बाद मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया विशेष रूप से 1985 में शरद पवार समाजवादी कांग्रेस के विरोधी पक्ष नेता थे उन्होंने समाजवादी कांग्रेस पार्टी को कांग्रेस में विलीन कर सत्ता का स्वाद चखा था 2004 में शिवसेना के एकनाथ शिंदे थोड़े समय के लिए विरोधी पक्ष नेता की भूमिका में थे उसके बाद शिवसेना भाजपा सरकार में शामिल हो गयी और वे मंत्री बने।

अभी तक सिर्फ 2 बार राज्य में लगा था राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक सिर्फ 2 बार राष्ट्रपति शासन लगा है । 17 फरवरी 1980 से 9 जून 1980 कुल 112 दिन राज्य में पहली बार राष्ट्रपति शासन था ।शरद पवार के नेतृत्व में पुलोद सरकार बहुमत में थी उसके बावजूद सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया गया था । इसके बाद 28 सितंबर 2014 से 30 अक्टूबर 2014 तक थोड़े समय के लिए राष्ट्रपति शासन था क्यों कि राष्ट्रवादी कांग्रेस ने कांग्रेस से अपना समर्थन वापस ले लिया था और कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गयी थी चुनाव सिर पर था इसलिए पृथ्वीराज चव्हाण की सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए अवसर न देकर राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था ।

राज्य की राजनीत में आर आर पाटिल और पतंगराव का बहुत ही योगदान 

राज्य की राजनीति में आर आर पाटिल और पतंगराव कदम का योगदान स्मरणीय है । अपने मृदु स्वभाव के चलते बहुत ही जल्द आर आर पाटिल 14 वी विधानसभा में जाने से पहले तासगांव कवठे महाकाल विधानसभा से आर आर पाटिल 6 बार चुनाव लड़ा था और हर बार चुनाव जीता था । 2014 मोदी लहर में भी आर आर पाटिल की पत्नी ने इसको कायम रखा । पतंगराव कदम का अपनी एक राजनीति का अलग अंदाज था वे अपने दल या विरोधी दल के सभी नेताओं से संबंध रखते थे जो बाद होती थी वे स्प्ष्ट कह देते थे पतंगराव का 14 वी विधानसभा के अधिवेशन के समय दिया गया भाषण अब सुनने को नही मिलेगा ।पतंगराव कदम भीलवडी - वांगी और पलुस -कडेगांव विधानसभा से 9 बार चुनाव लड़ा था जिसमे इनको 6 बार जीत मिली और 3 बार हार मिली थी ।

क्या गणपतराव विधानसभा में दिखेंगे ..?

शेतकरी कामगार और वंचित संगठनों के प्रश्न पर बोलने वाले राज्य के स्थापना से लेकर अभी तक हर एक घटनाक्रम के गवाह और साफ सुथरी राजनीत करने वाले गणपतराव देशमुख संगोला जिला सोलापुर की विधानसभा से 11 बार जीत हासिल किया और राज्य के सबसे वयोबृद्ध  नेता हैं इनकी उम्र 93 वर्ष है ।  इतनी उम्र होने के बावजूद गणपतराव देशमुख 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा किया है । गणपतराव 13 बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था जिसमे से 11 बार जीत और 2 बार हार का सामना किया था ।

एक घर से 2 मुख्यमंत्री 

राज्य में एक ही घर से 2 मुख्यमंत्री हुए हैं । इसमें दो परिवारों को इसका सन्मान मिला हुआ है । नाईक घराना पुसद जिला यवतमाल वसंतराव नाईक के पोते सुधाकरराव नाईक और चव्हाण घराना नांदेड़  के शंकरराव और उनके पुत्र अशोक चव्हाण को मिला था ।

मराठा समाज से सबसे ज्यादा हुए मुख्यमंत्री 

राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक सबसे ज्यादा मराठा समाज से मुख्यमंत्री हुए हैं । अभी तक 17 मुख्यमंत्रियों में से 10 मुख्यमंत्री मराठा समाज से हुए हैं । इसमें यशवंतराव चव्हाण , शंकरराव चव्हाण , वसंतददा पाटिल, शरद पवार , शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर , बाबासाहेब भोसले, नारायण राणे, विलासराव देशमुख , अशोक चव्हाण   और पृथ्वीराज चव्हाण के नाम शामिल हैं । हंगामी मुख्यमंत्री के नाम से प्रसिद्ध कोकण के पी के सावंत भी मराठा ही थे । इसके अलावा राज्य में  बंजारा समाज से वसंतराव नाईक और सुधाकरराव नाईक मुख्यमंत्री हुए । अल्पसंख्यक समाज से ए आर अंतुले मुख्यमंत्री पद पर रहे । मनोहर जोशी और देवेंद्र फडणवीस ये दोनों ब्राह्मण मुख्यमंत्री हुए । दलित समाज से सुशील कुमार शिंदे मुख्यमंत्री हुए । राज्य में अभी तक सिर्फ वसंतराव नाईएक और देवेंद्र फडणवीस ने ही अपना पूरा कार्यकाल 5 साल का पूरा किया है  ये दोनों विदर्भ से आते हैं यवतमाल के वसंतराव नाईक 1 मार्च 1967 से 13 मार्च 1972 तक अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था ।और देवेन्द्र फडणवीस 31 अक्टूबर  2014 से अभी तक 5 साल का अपना कार्यकाल पूरा किया है ।

अभी तक इन जिलों से कोई नही हुआ मुख्यमंत्री 

राज्य का नेतृत्व करने के लिए अभी तक 33 जिलों को अवसर नही मिला है इन 33 जिलों से अभी तक कोई मुख्यमंत्री नही बना है । इन जिलों के नाम कोल्हापुर, रत्नागिरी, अहमदनगर, नासिक, धुले,वर्धा, गढ़चिरौली, अमरावती, जलगांव, नंदुरबार, ठाणे, औरंगाबाद, परभणी, उस्मानाबाद,जालना, बुलढाणा, अकोला, वाशिम, भंडारा , हिंगोली,गोंदिया से अभी तक कोई भी मुख्यमंत्री नही बना है । पुणे, सोलापुर , सातारा, सांगली,रायगड़, सिंधुदुर्ग, लातूर,यवतमाल मुम्बई महानगर चंद्रपुर और नागपुर जिले ने मुख्यमंत्री दिया है ।

2019 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री की दौड़ में ये नेता 

देवेंद्र फडणवीस भाजपा नागपुर  अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस बारामती पंकजा मुंडे भाजपा परली धनंजय मुंडे राष्ट्रवादी कांग्रेस परली सुधीर मुनगंटीवार भाजपा बल्लारपुर जयंत पाटिल राष्ट्रवादी कांग्रेस इस्लामपुर एकनाथ शिंदे शिवसेना ठाणे एकनाथ खडसे भाजपा मुक्ताईंनगर गिरीश महाजन भाजपा जामनेर हशन मुशरिफ राष्ट्रवादी कांग्रेस कांगल राधाकृष्ण विखे पाटिल भाजपा शिरडी बालासाहेब थोरात कांग्रेस संगमनेर विजय बडेटटीवार कांग्रेस ब्रह्मपुरी पृथ्वीराज चव्हाण कांग्रेस हर्षवर्धन पाटिल भाजपा इंदापुर अमित देशमुख कांग्रेस लातूर प्रणीति शिंदे कांग्रेस सोलापुर सुभाष देशमुख भाजपा सोलापुर दक्षिण