सोमवार, 1 अगस्त 2016

आनंदी बेन पटेल: स्कूल टीचर से गुजरात की सीएम तक का सफर

गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल का कद काफी ऊंचा है। उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यकाल में बहुत से ऐसे कार्य किए हैं जिनके लिए उनकी हमेशा तारीफ होती रहती है। आज हम आपको बताएंगे आनंदी बेन के राजनीतिक सफर के बारे में। 

गुजरात में अमित शाह और आनंदी बेन को पीएम मोदी का लेफ्ट और राइट हैंड माना जाता है। एक महिला राजनीतिज्ञ के तौर पर आनंदी बेन पटेल का कद काफी ऊंचा है। आनंदी बेन पटेल ने राज्‍यसभा के सांसद के तौर पर वर्ष 1994 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 1998 में गुजरात विधानसभा चुनाव जीतकर उनका रुख राज्‍य की तरफ हो गया था। वह गुजरात की अकेली ऐसी महिला विधायक रहीं जो लगातार चार बार विजयी होकर गुजरात विधानसभा तक पहुंची।

आनंदी बेन का पूरा नाम आनंदी बेन जेठाभाई पटेल

आनंदी बेन का पूरा नाम आनंदी बेन जेठाभाई पटेल है। आनंदी बेन पीएम मोदी की सबसे करीबी मानी जाती हैं। उनका जन्म 21 नवंबर 1941 को गुजरात के मेहसाणा जिले के खारोद गांव में हुआ था। आनंदी बेन की खास बात है कि वो अनुशासन प्रिय हैं। आनंदी बेन 70 के दशक में अहमदाबाद के मोहिनीबा कन्या विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्या भी रह चुकी हैं। गुजरात भाषा की अच्छी प्रवक्ता 71 वर्षीय आनंदी और पीएम मोदी की लोकप्रियता की बात करें तो राज्य में इन दोनों नेताओं को अपनी कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है। 

1988 में आनंदी बेन पटेल भाजपा में शामिल हुई थीं, लेकिन आनंदी बेन सबसे ज्यादा चर्चा में उस वक्त आईं जब इन्होंने अकाल पीड़ितों के लिए न्याय मांगने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वर्ष 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में भी आनंदीबेन और पीएम मोदी ने साथ-साथ पार्टी के लिए काम किया था।

शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए लड़कियों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए

आनंदी बेन ने शहरी विकास, राजस्व और आपदा प्रबंधन जैसे कई प्रमुख विभाग को संभाला है। अभी वो शिक्षा मंत्री के तौर पर पीएम मोदी के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को सफलता पूर्वक आगे बढ़ा रही थीं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण लड़कियों की साक्षरता दर में बढ़ोतरी लाना। पिछले दो दशकों से वोटों के नजरिए से गुजरात के सबसे बड़े पटेल समुदाय के वोटों को भाजपा के खेमे में लाने के लिए आनंदी बेन ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साफ-सुथरी छवि वाली आनंदी बेन भाजपा की सबसे लंबे समय तक मंत्री के पद पर रहने वाली महिला हैं। 

जलाशय में कूदकर बचाई थी बच्चियों की जान

आनंदी बेन पटेल ने प्रोफेसर मफतभाई पटेल से शादी की थी। उनके एक लड़का व लड़की है। हालांकि, वो 1990 से अपने परिवार से दूर रहती हैं। शिक्षिका रहते हुए आनंदी बेन पटेल उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने 1987 में सरदार सरोवर जलाशय में डूब रही दो बच्चियों को बचाया था। इसके लिए उन्हें बाद में पुरस्कार भी मिला था। 

भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने 1992 में श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराया था। उस वक्त आनंदी बेन पटेल वो इकलौती महिला रहीं जो जोशी के साथ थीं। उसके ठीक 2 साल बाद उन्हें भाजपा ने राज्यसभा भेजा था।

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