सोमवार, 19 अप्रैल 2010

मेरी पहल ......

समय की तश्वीर मैंने इस लिए ब्लाग का नाम रखा की जिस तरह से समय की तश्वीर बदल रही है उसी तरह आदमी की तकदीर भी बदल रही है जो लोग कभी मिले थे खाश बनकर आज वही लोग देखते ही नजर बदल लेते हैं ये उनकी गलती नहीं है यह समय की असली तश्वीर है मैं अब इससे पूरी तरह से वाकिफ हो गया हु और मेरी रोजमर्रा की जिंदगी में फिर वही लोग रूप बदल कर सामने आते हैं जैसे की हम पहले थे आज भी वैसे ही हैं लेकिन तश्वीर कुछ अलग है ......

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