बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

ओखला की टूटी सड़कों को ठीक ना कराए जाने के लिए ज़िम्मेदार MP संदीप दीक्षित, MLA आसिफ़ मोहम्मद ख़ान और कौंसिलर अमीरूद्दीन द्वारा अगर तुरंत सड़कों की मरम्मत नही कराई गयी तो इनके घरों का घेराव किया जाएगा ये घेराव उसी वक़्त समाप्त होगा जब सड़कों के मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा, आप सभी से गुज़ारिश है की इस धरने की सूचना अपने सभी दोस्तों को दें और शिरकत करें
देश के लोग किसी को भी वोट करे सोच समझ कर करे. ऐसी पार्टी को वोट करे जो देश मे एक स्टेबल सरकार बना सके जब देश की बात है तो बड़ी पार्टी को वोट करना चाहिये. कांग्रेस को लोगो ने 60 साल से देख लिया है. एक मौका मोदी जी को देना चाहिये . छोटी-मोटी पार्टी अगर जीत भी गई तो वा सरकार तो बना नही सकती .लिहाजा स्टेबल सरकार नही बन सकती. जय हिन्द
वाम मोर्चा तो सभी से गठबंधन कर सकता है लेकिन जिन पार्टिओ का नाम श्री येचुरी ले रहे है वो भी इनके साथ आयेगी. श्री येचुरी एक पार्टी का नाम भूल गये आप पार्टी वो तो इनके साथ जरूर आ जायेगे. वाम दलो की स्थिति आज देश मे क्या है सब जानते है. सपने देखने से कोई किसी को रोक नही सकता चाहे सपने हसीन हो या डरावने.
आप नेता ने कहा कि वह समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर गडकरी की पोल खोलती रहेगी। उन्होंने कहा कि आप महाराष्ट्र की सभी 48 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। अंजलि ने कहा कि उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
कितना हास्यपाद है कि जिस पर खुद जाली तरीके से जमीन हड़पने के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो चुके हों और उसके बाद उससे वो हड़पी हुई जमीन सरकार द्वारा वापस ले ली गयी हो वो किसी और के भ्रष्टाचार की पोल खोलने की बात करता है !!सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के अवतार केजरी ने मीडिया के सामने बड़े जोर शोर से अनाउन्स किया था कि दामनिया के जमीन घोटाले की जांच दो रिटाइर्ड जजों को सोंप दी गयी है और एक महीने में रिपोर्ट आने के बाद अवश्य कार्यवाइ होगी ! अब तो एक साल से भी उपर हो गया , कहाँ है रिपोर्ट और कहाँ गई कार्यवाइ ????
दिल्ली में कॉंग्रेस के कुशासन की कीमत पर "आप" को जगह क्या मिल गई वह अब हर जगह पुराने जन आन्दोलनों से जुड़े लोगों को हडप जाना चाहती है.
डॉन अबू सलेम ने चलती ट्रेन में की शादी........
यह प्यार की जीत नही है यह एक बहुत बड़ी साजिश है, लोग इसे समझ नही पा रहे है, यह एक चाल है, शादी इस लिये की गई है जिस से अब्बू अपनी संपत्ती किसी के नाम कर सके. किसी को वारिस बना सके.