मराठी फिल्मों के शो प्राइम टाइम पर चलाने को लेकर शनिवार को मुंबई में मल्टीप्लेक्स के बॉक्स ऑफिस पर लोगों ने पथराव किया था .... अब इस मामले की कमान खुद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने अपने हाथों में ले ली है..... उन्होंने मुंबई के मल्टीप्लेक्स मालिकों को धमकी देते हुए कहा है कि उन्हें प्राइम टाइम पर मराठी फिल्मों के शो चलाने ही होंगे.....इसी मुद्दे पर आज राज ने बांद्रा पूर्व के MIG क्लब में मराठी निर्मातावों की बैठक की .......
इस मामले पर चर्चा करने के लिए मराठी निर्माताओं की आज बैठक बुलाई गई है..... मल्टीप्लेक्स मालिकों को धमकी देते हुए उन्होंने कहा कि उनका अहंकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा..... राज ने कहा कि मराठी में भी अच्छी फिल्में हैं... महेश मांजरेकर की मी शिवाजी राजे भोसले बोल्तोये ने 8 करोड़ की कमाई की थी.......
.मराठी फिल्म जगत के जाने माने अभिनेता निर्माता निर्देशक महेश मांजरेकर मौजूद थे ..महेश का कहना है की मल्टीप्लेक्स में मराठी फिल्म देखने के लिए पहले मराठी लोग ही जमा नहीं होतें हैं ...साथ ही उन्होंने कहा की मराठी फिल्मों में आज कल तकनिकी काम सही तरीके से नहीं हो पा रहा है जिसके चलते लोगो की रूचि अब कम होती जा रही है.............जिस पर राज ठाकरे ने भी साफ़ कह दिया है की यदि ऐसी कुछ बातें हैं तो वे मराठी लोगो से अपील करेंगे की मराठी फिल्मे देखने के लिए अपना रूचि कायम रखें ......लेकिन इस पूरे मामले में राज ठाकरे को पहले ये पता कर लेना चाहिए था की इस मामले में मल्टीप्लेक्स का क्या दोष है जिसके लिए उन्होंने धमकी दी साथ ही उनके जगहों पर जाकर तोड़ फोड़ भी की......................
सोमवार, 16 अगस्त 2010
रविवार, 15 अगस्त 2010
राष्ट्र ध्वज तिरंगा .....गरीब भूखा नंगा
डॉo एस. राधाकृष्णन ने राष्ट्र ध्वज के तीन रंगों और अशोक चक्र की प्रतीकात्मक व्याख्या करते हुए -भगवे रंग को त्याग का प्रतीक मानते हुए, राजनेताओं को भौतिक लाभ का लोभ त्याग कर पूरी निष्ठां से देश सेवा की नसीहत दे डाली...... मध्य के सफ़ेद रंग को सच्चाई का प्रतीक मान कर अपने आचरण में पारदर्शिता और सच्चाई लाने को कहा..... हरे रंग को देश की हरियाली का प्रतीक मानतेहुए लोक हित में प्रगति का बीजारोपण करने का संदेश दिया। अशोक चक्र को.......
कानून के राज्य और निरंतर प्रगति का प्रतीक माना गया....तिरंगे के तीनो रंगों की मूल भावना के तिरस्कार की आज होड़ लगी है -हमारे देश को प्रगति पथ पर ले जाने वालों के बीच..... हमारे राजनेताओं द्वारा पिछले ६३ सालों से देश की गरीब जनता की खून पसीने की कमाई को इस कद्र लूटा की आज दुनिया केसबसे गरीब देश के सबसे अमीर चोरों का काला पैसा स्विस बैंकों में १४ ख़राब डॉलर का आंकडा पार कर गया है.... यह है बापू के बेटों की त्याग भावना का प्रमाण ........
आज हमारे देश को किसी सच्चे और इमानदार देश भक्त की सख्त जरुरत है जो इन सभी कर्मों से परे होकर देश को उन्नति के राह पर ले जाये ...और सभी जात धर्म को समान आदर करे ..आवो हम इस पवन पर्व पर कसम लें की देश की उन्नति प्रगति के लिए हम सब मिल कर काम करे .....
कानून के राज्य और निरंतर प्रगति का प्रतीक माना गया....तिरंगे के तीनो रंगों की मूल भावना के तिरस्कार की आज होड़ लगी है -हमारे देश को प्रगति पथ पर ले जाने वालों के बीच..... हमारे राजनेताओं द्वारा पिछले ६३ सालों से देश की गरीब जनता की खून पसीने की कमाई को इस कद्र लूटा की आज दुनिया केसबसे गरीब देश के सबसे अमीर चोरों का काला पैसा स्विस बैंकों में १४ ख़राब डॉलर का आंकडा पार कर गया है.... यह है बापू के बेटों की त्याग भावना का प्रमाण ........
आज हमारे देश को किसी सच्चे और इमानदार देश भक्त की सख्त जरुरत है जो इन सभी कर्मों से परे होकर देश को उन्नति के राह पर ले जाये ...और सभी जात धर्म को समान आदर करे ..आवो हम इस पवन पर्व पर कसम लें की देश की उन्नति प्रगति के लिए हम सब मिल कर काम करे .....
शुक्रवार, 13 अगस्त 2010
चाचा ने भतीजी के प्यार में अँधा होकर भतीजी का की हत्या
अपनी ही भतिजी से एक तरफा प्यार करने वाले चाचा ने कल प्यार में अपने आपको असफल होता देख, भतिजी की चाकु से वार करके हत्या कर दी... भतीजी की हत्या करने वाले चाचा ने फिर अपने दोनो हाथो की नसो को काटकर आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन उससे बचा लिया गया है और उसका मुंबई के जीटी अस्पताल में इलाज चल रहा है....
अजय डोगरसिंह नामक युवक को को अपनी भतिजी किरण से से प्यार हो गया था, यह बात जब घर के लोगो को पता चली तो घर वालो ने अजय को काफी डांटा था.... कल दोपहर को किरण घर में अकेली थी काम कर रही थी उस समय अकेला देखकर अजय ने किरण से प्यार का इजहार किया और मना करने पर चाकुओं से वार करके उसकी हत्या कर दी.... हत्या करने के बाद अजय ने अपनी हाथो की नसो को काट लिया और दिवार पर किरण लिख डाला था.... अजय की पत्नी का एक साल पहले निधन हो गया था उसके 2 लडके थे जो नाना-नानी के पास रह रहे थे.... पत्नी के निधन के बाद से वो दिमागी तौर पर परेशान था किरण से एक तरफा प्यार करने लगा था.... प्यार में अपने आपको असफल होता देख उसने इस तरह की हरकत की......... अजय फिलहाल मुंबई के जीटी अस्पताल में भर्ती है उसको ठीक होते ही पुलिस उसको हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लेगी..... यह घटना है मुंबई के पोश इलाका मालाबार हिल का है इलाके की जहां पर डोगरसिंह परिवार के पांच मकान है और इस घटना के बाद वहां पर मातम छाया हुआ है.....
अजय डोगरसिंह नामक युवक को को अपनी भतिजी किरण से से प्यार हो गया था, यह बात जब घर के लोगो को पता चली तो घर वालो ने अजय को काफी डांटा था.... कल दोपहर को किरण घर में अकेली थी काम कर रही थी उस समय अकेला देखकर अजय ने किरण से प्यार का इजहार किया और मना करने पर चाकुओं से वार करके उसकी हत्या कर दी.... हत्या करने के बाद अजय ने अपनी हाथो की नसो को काट लिया और दिवार पर किरण लिख डाला था.... अजय की पत्नी का एक साल पहले निधन हो गया था उसके 2 लडके थे जो नाना-नानी के पास रह रहे थे.... पत्नी के निधन के बाद से वो दिमागी तौर पर परेशान था किरण से एक तरफा प्यार करने लगा था.... प्यार में अपने आपको असफल होता देख उसने इस तरह की हरकत की......... अजय फिलहाल मुंबई के जीटी अस्पताल में भर्ती है उसको ठीक होते ही पुलिस उसको हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लेगी..... यह घटना है मुंबई के पोश इलाका मालाबार हिल का है इलाके की जहां पर डोगरसिंह परिवार के पांच मकान है और इस घटना के बाद वहां पर मातम छाया हुआ है.....
ताज की नयी मुस्कान.
विश्व का सबसे खूबसूरत होटलों में से एक मुम्बई का ताज होटल का सभी मंजिल फिर से चमक उठा है...२६/११ आतंकी हमले में ताज होटल का चौथा , पांचवां और
छठां मंजिला पूरी तरह से तहस नहस हो गया था लेकिन आज इस का सभी मंजिल मुस्कुराते हुए लोगों का स्वागत करने तैयार है...इस हमले के ठीक एक साल बाद इस होटल का पहला और दूसरा मंजिला लोगों के लिए खुल गया था...और आज ताज को नयी मुस्कान मिल गई है...ये होटल अब पूरी तरह से चमक रहा है...हम आपको बता दें की इस होटल का चौथा, पांचवा और छठी मंजिल आतंकवादी गतिबिधियों के कारण काफी नुकसान हुआ था जिसकी मरम्मत में ५०० करोड़ रुपये लगे है...बताया जा रहा है की इन मंजिलों हुबहू बनाने के लिए दक्षिण भारत से लाये गये लकड़ों का इस्तमाल किया गया है...
बहराल जो भी हो आज ताज सही मायने में चमक रहा हैं....और अब ये ताज १५ अगस्त को आम जनता के लिए खुल जाएगा....
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छठां मंजिला पूरी तरह से तहस नहस हो गया था लेकिन आज इस का सभी मंजिल मुस्कुराते हुए लोगों का स्वागत करने तैयार है...इस हमले के ठीक एक साल बाद इस होटल का पहला और दूसरा मंजिला लोगों के लिए खुल गया था...और आज ताज को नयी मुस्कान मिल गई है...ये होटल अब पूरी तरह से चमक रहा है...हम आपको बता दें की इस होटल का चौथा, पांचवा और छठी मंजिल आतंकवादी गतिबिधियों के कारण काफी नुकसान हुआ था जिसकी मरम्मत में ५०० करोड़ रुपये लगे है...बताया जा रहा है की इन मंजिलों हुबहू बनाने के लिए दक्षिण भारत से लाये गये लकड़ों का इस्तमाल किया गया है...
बहराल जो भी हो आज ताज सही मायने में चमक रहा हैं....और अब ये ताज १५ अगस्त को आम जनता के लिए खुल जाएगा....
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८०० टन तेल का नुकसान
शनिवार को हुए चित्रा जहाज मामले में अब तक ८०० टन तेल का नुकसान हुआ है जो की ज़्यादा नहीं है...ये हम नहीं कह रहे है ...ये कहना है शिपिंग के डायरेक्टर गेनेराल के. सुब्रमनियम का..अरब सागर में हुए जहाज टक्कर मामले में आज मुंबई में केंदीय मंत्री जी.के.वासन और राज्य मंत्रियों की बैठक हुई जिसमे पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवरा शामिल हुए ...इस बैठक के दौरान केंद्रीय शिपिंग मंत्री जी.के.वासन ने कहा की आज ९ जहाओं को मुंबई से जे.एन.पी.टी. रवाना किया गया और बाहर से ६ जहाज मुंबई आये ...
इस मामले में अभी जांच जारी है ...आकड़ों की और जानकारी देते हुए शिपिंग के डायरेक्टर गेनेराल के. सुब्रमनियम ने बताया है की अब तक चित्रा जहाज से ८०० टन घातक रसायन समुन्दर में फ़ैल गया है जो ज़्यादा नहीं है....
वही इस मामले में मुरली डोरा ने साफ़ साफ़ केह दिया की ये कोई बड़ी खबर नहीं है....
इस पूरे मामले में कई लोगों का नुकसान हुआ है खासकर बात करे मछुवारों की तो वे अपने व्यवसाय को लेकर घाटे में जा रहे है....और समुन्दर किनारे घरों में ज़हरीला तेल घुस आया है..कई मंग्रोव ख़राब हो चुके है...अब इलाकों का ये हालत देखकर क्या कहे....क्या मुरली देवरा का बयान सही है...????
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इस मामले में अभी जांच जारी है ...आकड़ों की और जानकारी देते हुए शिपिंग के डायरेक्टर गेनेराल के. सुब्रमनियम ने बताया है की अब तक चित्रा जहाज से ८०० टन घातक रसायन समुन्दर में फ़ैल गया है जो ज़्यादा नहीं है....
वही इस मामले में मुरली डोरा ने साफ़ साफ़ केह दिया की ये कोई बड़ी खबर नहीं है....
इस पूरे मामले में कई लोगों का नुकसान हुआ है खासकर बात करे मछुवारों की तो वे अपने व्यवसाय को लेकर घाटे में जा रहे है....और समुन्दर किनारे घरों में ज़हरीला तेल घुस आया है..कई मंग्रोव ख़राब हो चुके है...अब इलाकों का ये हालत देखकर क्या कहे....क्या मुरली देवरा का बयान सही है...????
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गुरुवार, 12 अगस्त 2010
मुंबई मेंऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों का बहिष्कार असफल
मनमाना किराया वसूले जाने के खिलाफ मुंबई में ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों का बहिष्कार करने के लिए गुरूवार को शुरू किया गया अभियान असफल रहा है, क्योंकि ज्यादातर लोगों के पास यात्रा के अन्य साधनों का विकल्प नहीं है.......
मुंबई के लोगों ने विज्ञापन एजेंसी के तीन कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन को हालांकि पूरा समर्थन दिया था लेकिन जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं हैं उन्हें ऑटो या टैक्सी का ही सहारा लेना प़डा है..............
मुंबई में रहने वाले लोग सही मायने में इन लोगों की मनमानी से पूरी तरह से त्रस्त हैं ...फिर भी मजबूरी है की करे तो करें क्या .....सभी लोगों का यही कहना है की ,बसों के लिए लगने वाली लाइन बहुत लंबी होती हैं। दफ्तर सही वक्त पर पहुँचाना है तो रिक्शा करना प़डता है कई लोगों का यह भी कहना है की , शाम को बस से घर जाया जा सकता है , लेकिन सुबह देर होने के डर से ऎसा नहीं हो सकता......... कुछ लोगों ने छोटी दूरी के लिए पैदल चलना ही उचित समझा......
मुंबई के लोगों ने विज्ञापन एजेंसी के तीन कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन को हालांकि पूरा समर्थन दिया था लेकिन जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं हैं उन्हें ऑटो या टैक्सी का ही सहारा लेना प़डा है..............
मुंबई में रहने वाले लोग सही मायने में इन लोगों की मनमानी से पूरी तरह से त्रस्त हैं ...फिर भी मजबूरी है की करे तो करें क्या .....सभी लोगों का यही कहना है की ,बसों के लिए लगने वाली लाइन बहुत लंबी होती हैं। दफ्तर सही वक्त पर पहुँचाना है तो रिक्शा करना प़डता है कई लोगों का यह भी कहना है की , शाम को बस से घर जाया जा सकता है , लेकिन सुबह देर होने के डर से ऎसा नहीं हो सकता......... कुछ लोगों ने छोटी दूरी के लिए पैदल चलना ही उचित समझा......
सोतेली माँ बेटी पर ढाया कहर
मुंबई के मालवनी इलाके में एक 14 साल की बच्ची पर उसकी सौतेली मां ने इस कदर जुर्म ढाया...कि बच्ची के हांथ- पांव तक जला डाले...इस 14 साल की बच्ची का नाम शगुफ्ता खान है...और उसके आंकों से बहनेवाली आंसू खुद उस पर हुये जुल्म की कहानी कहते है...।
ये आँखें है...14 साल की उसी शगुफ्ता खान की...जिस पर उसकी सौतेली मां ने इस कदर जुल्म ढाया कि ये मासूम बच्ची अब हंसना तक भूल गयी है....शगुफ्ता की आँखों से लेकर...गले...उसके हांथ...और पांव पर पड़े छाले उस पर हुये एक – एक जुल्म की कहानी और दिखाई देते ये दर्दनाक जख्म एक ऐसी कहानी कहते है...जिसे सुनकर एक मां का दिल दहल जायेगा...क्या आप सोच सकते है..कि एक सौतेली मां...अपने सौतेले बच्ची के साथ...इस कदर जुल्म कर सकती है...लेकिन ऐसा हुआ है....और मुंबई के माहिम इलाके में हुयी इस सनसनी खेज वारदात ने पुरी मुंबई का दिल दहला दिया है.....आप जरा गौर से सुनिया कि शगुफ्ता की सौतेली मां उस पर किस कदर जुल्म करने के लिये...शगुफ्ता पर कभी मोटे डंडे....तो कबी गर्म दूध...तो कभी.....गर्म दाल....तो कभी गर्म छुरा...तो कभी गर्म कूकर से उसे जला देती थी....और सुबह 9 बजे से लेकर रात 12 बजे तक एक बंद कमरे में इसे बंद कर देती ताकि.....शगुफ्ता अपना दर्द किसी को बता ना सके....।
शगुफ्ता पर हुये जुल्म की कहानी यही खत्म नहीं होती....जब कभी पास- पडोस वाले इस दर्द नाक केल को रोकतने की कोशिश करते तो...शगुफ्ता की सौतेली मां उन्हें भी गाली – गलौच कर भगा देती...और शगुफ्ता को इस कदर डराकर ऱका था...कि वो पुलिस में भी ना जा सके...एक बार तो शगुफ्ता को जलाने के बाद...किसी को इस बारे में पता ना चले...इसलिये एक डॉक्टर के पास शगुफ्ता को बुरका पहनाकर इलाज के लिये ले गये..और धमकी भी दी..कि वो इस बारे में किसी से कुछ कहे नहीं....।
लगातार पिथले दो महीने से मुंबई के माहिम इलाके में शगुफ्ता पर इसी तरह उसकी सौतेली मां उस पर जुल्म ढाती रही...लेकिन जुल्म की इंतहा बढ़ते देख...एक दिन डर के मारे..पहले तो शगुफ्ता की सौतेली मां घर से फरार हो गयी...उसके बाद ये बच्ची किसी तरह मुंबई के मानवनी इलाके में अपनी दादी के पास रहने चली आयी...और अपने उपर हुये जुल्म की सारी दास्तान अपनी दादी को बता दी...दादी के मुकाबिक उसलके पिता का नाम शरीफ खान है..चो एक नंबर का छटा हुआ बदमाश है....जिसकी कई शिकायतें मालवनी पुलिस थाने में दर्ज है..अब दादी चाहती है..कि उसकी पोती पर हुये बेइंतहा जुल्म की उसके सौतेली मां और पिता को उसकी शकख्त से शख्त से सजा मिले...।
14 साल की शगुफ्ता पर हुये उसके सौतेली मां के अत्याचार की दर्दनाक कहानी माहिम पुलिस थाने में बतौर शिकायत दर्ज करा दी गयी है...चुंकि बच्ची पर जुल्म ढाटे जाने का सिलसिला पिछले 2 महीनों से चल रहा था...इसलिये पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट कराने से हिचकिचा रही है....इसलिये पुलिस ने सलाह दी कि अब बच्ची को दादी के पास रखा जाये...।
इस पुरे मामले में एक और बात खुलकर सामने आ रही है...कि जिस सौतेलवी मां ने अपनी सौतेली बेटी के साथ इतना दर्दनाक केल खेला है...उसकी माहिम इलाके में काफी ढौंस है...और शगुफ्ता के दादी के परिवारवालों से मिली जानकारी अनसार...इसकी सौतेली मां पेसे से चरस...गांजा और लड़कियों को सप्लाई करने के दंदे में बी इन्वॉल्व है...।
ये आँखें है...14 साल की उसी शगुफ्ता खान की...जिस पर उसकी सौतेली मां ने इस कदर जुल्म ढाया कि ये मासूम बच्ची अब हंसना तक भूल गयी है....शगुफ्ता की आँखों से लेकर...गले...उसके हांथ...और पांव पर पड़े छाले उस पर हुये एक – एक जुल्म की कहानी और दिखाई देते ये दर्दनाक जख्म एक ऐसी कहानी कहते है...जिसे सुनकर एक मां का दिल दहल जायेगा...क्या आप सोच सकते है..कि एक सौतेली मां...अपने सौतेले बच्ची के साथ...इस कदर जुल्म कर सकती है...लेकिन ऐसा हुआ है....और मुंबई के माहिम इलाके में हुयी इस सनसनी खेज वारदात ने पुरी मुंबई का दिल दहला दिया है.....आप जरा गौर से सुनिया कि शगुफ्ता की सौतेली मां उस पर किस कदर जुल्म करने के लिये...शगुफ्ता पर कभी मोटे डंडे....तो कबी गर्म दूध...तो कभी.....गर्म दाल....तो कभी गर्म छुरा...तो कभी गर्म कूकर से उसे जला देती थी....और सुबह 9 बजे से लेकर रात 12 बजे तक एक बंद कमरे में इसे बंद कर देती ताकि.....शगुफ्ता अपना दर्द किसी को बता ना सके....।
शगुफ्ता पर हुये जुल्म की कहानी यही खत्म नहीं होती....जब कभी पास- पडोस वाले इस दर्द नाक केल को रोकतने की कोशिश करते तो...शगुफ्ता की सौतेली मां उन्हें भी गाली – गलौच कर भगा देती...और शगुफ्ता को इस कदर डराकर ऱका था...कि वो पुलिस में भी ना जा सके...एक बार तो शगुफ्ता को जलाने के बाद...किसी को इस बारे में पता ना चले...इसलिये एक डॉक्टर के पास शगुफ्ता को बुरका पहनाकर इलाज के लिये ले गये..और धमकी भी दी..कि वो इस बारे में किसी से कुछ कहे नहीं....।
लगातार पिथले दो महीने से मुंबई के माहिम इलाके में शगुफ्ता पर इसी तरह उसकी सौतेली मां उस पर जुल्म ढाती रही...लेकिन जुल्म की इंतहा बढ़ते देख...एक दिन डर के मारे..पहले तो शगुफ्ता की सौतेली मां घर से फरार हो गयी...उसके बाद ये बच्ची किसी तरह मुंबई के मानवनी इलाके में अपनी दादी के पास रहने चली आयी...और अपने उपर हुये जुल्म की सारी दास्तान अपनी दादी को बता दी...दादी के मुकाबिक उसलके पिता का नाम शरीफ खान है..चो एक नंबर का छटा हुआ बदमाश है....जिसकी कई शिकायतें मालवनी पुलिस थाने में दर्ज है..अब दादी चाहती है..कि उसकी पोती पर हुये बेइंतहा जुल्म की उसके सौतेली मां और पिता को उसकी शकख्त से शख्त से सजा मिले...।
14 साल की शगुफ्ता पर हुये उसके सौतेली मां के अत्याचार की दर्दनाक कहानी माहिम पुलिस थाने में बतौर शिकायत दर्ज करा दी गयी है...चुंकि बच्ची पर जुल्म ढाटे जाने का सिलसिला पिछले 2 महीनों से चल रहा था...इसलिये पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट कराने से हिचकिचा रही है....इसलिये पुलिस ने सलाह दी कि अब बच्ची को दादी के पास रखा जाये...।
इस पुरे मामले में एक और बात खुलकर सामने आ रही है...कि जिस सौतेलवी मां ने अपनी सौतेली बेटी के साथ इतना दर्दनाक केल खेला है...उसकी माहिम इलाके में काफी ढौंस है...और शगुफ्ता के दादी के परिवारवालों से मिली जानकारी अनसार...इसकी सौतेली मां पेसे से चरस...गांजा और लड़कियों को सप्लाई करने के दंदे में बी इन्वॉल्व है...।
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